मोहन भागवत ने किया हिंदू एकता का आह्वान: ‘मंदिर, पानी और श्मशान सभी के लिए समान हों’
नई दिल्ली, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने वाराणसी में हिंदू समाज की एकता और समरसता पर जोर देते हुए कहा कि सभी हिंदुओं के लिए मंदिर, पानी और श्मशान समान रूप से उपलब्ध होने चाहिए। उन्होंने यह वक्तव्य आईआईटी बीएचयू के जिमखाना मैदान में आयोजित एक सायं शाखा के दौरान दिया। भागवत ने कहा कि संघ का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना है, जहां सभी पंथ, जाति और समुदाय एक साथ मिलकर कार्य करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्मशान, मंदिर और पानी सभी हिंदुओं के लिए एक समान होने चाहिए, ताकि समाज में समानता और एकता स्थापित हो सके। इससे पहले भी, फरवरी 2025 में गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान, मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों से जाति, पंथ, क्षेत्र और भाषा से परे जाकर समाज के विभिन्न वर्गों के बीच मित्रता बढ़ाने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि सभी हिंदुओं को आपसी सम्मान और सहयोग के माध्यम से मंदिर, श्मशान और जल स्रोतों का समान रूप से उपयोग करना चाहिए।
भागवत के इन बयानों को समाज में समरसता और समानता स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उन्होंने हिंदू समाज से आह्वान किया कि वे जाति और पंथ के भेदभाव को छोड़कर एकजुट हों और सभी के लिए समान अधिकार और सुविधाएं सुनिश्चित करें। आरएसएस प्रमुख के इस संदेश से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद की जा रही है, जिससे सभी वर्गों के बीच भाईचारा और सहयोग बढ़ेगा।